समाज, संस्कृति, युवा, सेवा और राष्ट्रनिर्माण के लिए समर्पित एक जन-संगठन।
धर्मो रक्षति रक्षितः | सनातन धर्म एवं राष्ट्र रक्षा संकल्प
छत्रपति शिवाजी महाराज के 'हिन्दवी स्वराज्य' के संकल्प को साकार करने हेतु समर्पित हिन्दवी स्वराज्य सेना। सनातन संस्कृति, धर्म रक्षा, जनसेवा, गोरक्षा एवं हिन्दू एकता का राष्ट्रव्यापी मंच।

अधिवक्ता अमित पाण्डेय (गुरु)
संस्थापक एवं प्रमुख
हिन्दवी स्वराज्य सेवा संगठन की स्थापना श्री अमित पांडे गुरु द्वारा सन 2022 में इंदौर में मस्जिदों पर लाउडस्पीकर हटवाने के निमित्त की गई थी।
अपने सामाजिक, संगठनात्मक और सार्वजनिक जीवन में वे युवाओं को संगठित करने, सामाजिक सेवा, धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों तथा जन-जागरूकता के विभिन्न अभियानों से जुड़े रहे हैं।
उनका सार्वजनिक जीवन सामाजिक सेवा, युवा संगठन, राष्ट्रवादी विचारधारा और हिन्दू समाज से जुड़े विभिन्न अभियानों के माध्यम से आगे बढ़ा है।
संस्थापक के जीवन, सामाजिक कार्यों और सार्वजनिक यात्रा के बारे में विस्तार से जानें।
अमित देशमुख
संगठन महामंत्री

अभिषेक रघुवंशी (अधिवक्ता एवं पत्रकार)
उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता

अमित परिहार (पत्रकार)
महामंत्री

कमल ठाकुर पहलवान (ओम काली)
खेल परिषद प्रदेश प्रमुख

नितिन भाटिया
कोषाध्यक्ष

अविनाश अजमेरा
कार्यालय मंत्री

दिकेश यादव (पत्रकार)
मीडिया प्रभारी

शोभन सागर
सोशल मीडिया एवं संचार प्रमुख
हम कौन हैं
हिन्दवी स्वराज्य सेना — एक सनातन संकल्प
हमारा ध्येय — धर्मो रक्षति रक्षितः
हिन्दवी स्वराज्य सेना केवल एक संगठन ही नहीं, अपितु सनातन चेतना का एक राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन है। प्रभु श्री रामचंद्र के मर्यादा मार्ग और छत्रपति शिवाजी महाराज व धर्मवीर छत्रपति संभाजी महाराज के शौर्य से प्रेरित होकर, यह सेना भारत के प्रत्येक हिन्दू युवा को संगठित, सशक्त और धर्म-सजग बनाने के लिए समर्पित है।
हमारा उद्देश्य अपनी वैदिक धरोहर, मंदिरों, गोवंश और समाज के सांस्कृतिक स्वाभिमान की अडिग रक्षा करना है।
“जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है।”
हमारा आधार
संगठन के प्रमुख आधार हमारे उन संकल्पों में निहित हैं, जो धर्म, समाज, युवा और संस्कृति को सशक्त बनाने की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।
धर्म एवं मंदिर रक्षा
सनातन संस्कृति, वैदिक परंपराओं और प्राचीन मंदिरों की पवित्रता एवं स्वायत्तता की रक्षा।
गोरक्षा एवं संवर्धन
गोमाता को राष्ट्रमाता का गौरव दिलाने हेतु अवैध गो-तस्करी के विरुद्ध प्रखर संघर्ष एवं गोशालाओं का संरक्षण।
हिन्दू एकता व सामाजिक समरसता
जातिगत भेदों से परे संपूर्ण हिन्दू समाज को एक सूत्र में पिरोकर एक सशक्त और अभेद्य हिन्दू शक्ति का निर्माण।
मातृशक्ति एवं युवा जागरण
युवाओं में आत्मरक्षा, राष्ट्रभक्ति, सनातन संस्कृति के प्रति रुचि और संस्कार जगाना; माता जीजाबाई और रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य से बहन-बेटियों को सबल बनाना।
युवा सशक्तिकरण
युवाओं को रोजगार दिलाना एवं उनके द्वारा चुने गए व्यापार को स्थापित करने में मदद करना।
उद्देश्य और विचार
हमारा ध्येय — धर्मो रक्षति रक्षितः
हिन्दवी स्वराज्य सेना केवल एक संगठन ही नहीं, अपितु सनातन चेतना का एक राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन है।
प्रभु श्री रामचंद्र के मर्यादा मार्ग और छत्रपति शिवाजी महाराज व धर्मवीर छत्रपति संभाजी महाराज के शौर्य से प्रेरित होकर, यह सेना भारत के प्रत्येक हिन्दू युवा को संगठित, सशक्त और धर्म-सजग बनाने के लिए समर्पित है।
हमारा उद्देश्य अपनी वैदिक धरोहर, मंदिरों, गोवंश और समाज के सांस्कृतिक स्वाभिमान की अडिग रक्षा करना है।
“जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है।”
- धर्मनिष्ठ युवाओं का संगठनप्रत्येक ग्राम और नगर में धर्मनिष्ठ युवाओं की टोली खड़ी करना।
- समाज को जागरूक और सक्षम बनानामतांतरण, लव-जिहाद और सांस्कृतिक आक्रमणों के विरुद्ध समाज को वैचारिक व व्यावहारिक रूप से जागरूक और सक्षम बनाना।
- सनातन मूल्यों पर राष्ट्रसेवासनातन मूल्यों — सत्य, न्याय, शौर्य और त्याग — के आधार पर राष्ट्रसेवा करना।
- सेवानिःस्वार्थ सेवा को संगठन की दैनिक कार्यशैली का अंग बनाना।
- राष्ट्रनिर्माणराष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए रचनात्मक कार्यों में सहभागिता।
VISION
हमारा दृष्टिकोण
एक ऐसा सशक्त, स्वाभिमानी और वैभवशाली हिन्दू समाज, जो अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ा हो और किसी भी अधर्मी शक्ति के सामने न झुके।
छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा देखे गए 'हिन्दवी स्वराज्य' के स्वप्न को आज के युग में चरितार्थ करना।
मूल मूल्य
सत्य, न्याय, शौर्य, त्याग, सेवा
इन्हीं सनातन मूल्यों के आधार पर राष्ट्रसेवा का संकल्प।
कार्य के पाँच आयाम
- धर्म एवं मंदिर रक्षासनातन संस्कृति, वैदिक परंपराओं और प्राचीन मंदिरों की पवित्रता एवं स्वायत्तता की रक्षा।
- गोरक्षा एवं संवर्धनजातिगत भेदों से परे संपूर्ण हिन्दू समाज को एक सूत्र में पिरोकर एक सशक्त और अभेद्य हिन्दू शक्ति का निर्माण।
- मातृशक्ति एवं युवा जागरणयुवाओं में आत्मरक्षा, राष्ट्रभक्ति, सनातन संस्कृति के प्रति रुचि और संस्कार जगाना; माता जीजाबाई और रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य से बहन-बेटियों को सबल बनाना।
- सांस्कृतिक चेतना एवं इतिहास बोधआने वाली पीढ़ी को हमारे अमर बलिदानियों और सत्य इतिहास से परिचित कराकर वैचारिक गुलामी से मुक्ति दिलाना।
कार्य एवं अभियान
- स्वधर्म रक्षा वाहिनीकिसी भी आपात स्थिति में हिन्दू समाज की सुरक्षा हेतु सदैव तत्पर अनुशासित युवा दल।
- संस्कार व शास्त्र-शस्त्र चेतनायुवाओं को बौद्धिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से सक्षम बनाने हेतु प्रशिक्षण शिविर और अखाड़ा परंपरा का पुनरुद्धार।
- सेवा एवं सहायता कार्यप्राकृतिक आपदाओं, धार्मिक आयोजनों और पीड़ित हिन्दू परिवारों की निःस्वार्थ सेवा।
राष्ट्र संकल्प
अखंड भारत का संकल्प

हमसे जुड़ें
धर्म रक्षा के इस महायज्ञ में अपनी आहुति दें
यदि आपके हृदय में राष्ट्र और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा है, तो हिन्दवी स्वराज्य सेना का अंग बनें। अपने गांव, नगर और मोहल्ले में धर्म की अलख जगाएं।

