संस्थापक एवं प्रमुख — हिन्दवी स्वराज्य सेना
अधिवक्ता अमित पाण्डेय "गुरु"
सामाजिक सेवा • युवा संगठन • सार्वजनिक जीवन • धर्म एवं संस्कृति

“समाज सेवा, संगठन और अखंड हिंदू राष्ट्र के प्रति समर्पण के साथ निरंतर कार्य करना ही मेरी जीवन-यात्रा का आधार रहा है।”
जीवन परिचय
अधिवक्ता अमित पाण्डेय "गुरु" का जीवन परिचय
अधिवक्ता अमित पाण्डेय "गुरु" पिता अधिवक्ता श्री दिनेश पाण्डेय "गुरु" (पूर्व भाजपा पार्षद एवं पूर्व इंदौर जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष, इन्दौर) और माता श्रीमती रूक्मणी (रूपा) दिनेश पाण्डेय के पुत्र हैं जो वर्तमान में वार्ड क्रमांक 62, क्षेत्र क्रमांक 3, इंदौर, भारतीय जनता पार्टी की पार्षद है।
उनका जन्म 26 अक्टूबर 1983 को हुआ। उनकी शैक्षणिक योग्यता बी.कॉम. (ऑनर्स), एलएल.बी. है। वे प्रमुख रूप से उच्च न्यायालय इंदौर के अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं तथा उनकी रुचि पठन, धर्म, राष्ट्रीय एवं सामाजिक कार्यों में रही है।
उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में विभिन्न सामाजिक एवं संगठनात्मक दायित्व निभाए हैं। वे पूर्व नगर मंत्री, भारतीय जनता युवा मोर्चा, इंदौर, पूर्व प्रदेश सचिव, खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव तथा पूर्व प्रांतीय सह-संयोजक, हिन्दू हेल्प लाईन, मालवा प्रांत के पद पर सक्रिय रहे हैं।
वर्तमान में वे उच्च न्यायालय अधिवक्ता होने के साथ-साथ हिन्दवी स्वराज्य सेना के संस्थापक एवं प्रमुख हैं।
प्रारंभ
एक नज़र में — अमित पाण्डेय "गुरु" की यात्रा — बचपन से सामाजिक जीवन की शुरुआत
अमित पाण्डेय "गुरु" के सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन की शुरुआत बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक के रूप में हुई।
युवा अवस्था में उन्होंने विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों में भाग लिया तथा संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से युवाओं से जुड़ना प्रारंभ किया।
- 1998 – 2002
खेल एवं युवा गतिविधियाँ
वर्ष 1998 से 2002 तक उन्होंने विभिन्न इंटर स्कूल आर्ट्स, गायन, फुटबॉल, टेबल टेनिस एवं इंटर कॉलेज प्रतियोगिताओं में प्रतिनिधित्व किया।
- 1999
युवा ब्रिगेड एवं सामाजिक सेवा
वर्ष 1999 में युवा ब्रिगेड के माध्यम से:
- वृक्षारोपण अभियान
- कारगिल युद्ध के दौरान रक्तदान शिविर
- आर्थिक सहायता
- युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के कार्य
में भागीदारी की।
- 2001
गुजरात भूकंप राहत कार्य
वर्ष 2001 में गुजरात भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए राहत कार्यों में सहभागिता की।
सेवा
सामाजिक सेवा की निरंतर यात्रा
वर्ष 2004 से आज तक उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक कार्यों से जुड़कर कार्य किया है। इन कार्यों में प्रमुख रूप से शामिल रहे हैं:
- जिम एवं अखाड़ों के निर्माण में सहयोग ।
- गौ-शालाओं के निर्माण एवं सहयोग ।
- गरीबों एवं बीमारों के लिए रक्तदान ।
- निःशुल्क चिकित्सा कैम्प ।
- दृष्टिहीन कल्याण संघ के लिए कार्य ।
- विकलांग संघ के लिए सहयोग ।
- वृद्धाश्रमों के लिए कार्य ।
- अनाथ आश्रमों के लिए कार्य ।
सामाजिक सेवा के इन प्रयासों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुँचाने तथा युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य निरंतर किया गया।
शौर्य दिवस आयोजन
प्रत्येक वर्ष 6 दिसंबर को क्षेत्र में दीप प्रज्वलन कर सैकड़ों साथियों के साथ शौर्य दिवस मनाने की परंपरा भी जारी रखी गई है।
सार्वजनिक जीवन
सार्वजनिक एवं राजनीतिक यात्रा
- 1999 – 2002
युवा संगठन और छात्र राजनीति
वर्ष 1999 में सार्वजनिक जीवन की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत हुई।
वर्ष 2002 में युवा ब्रिगेड का गठन कर छात्र राजनीति में प्रवेश किया गया। इसके माध्यम से विभिन्न कॉलेजों के छात्रसंघ चुनावों में एन.एस.यू.आई. के विरोध में चुनाव लड़वाए गए।
- 2002 – 2007
संगठनात्मक सक्रियता
इस अवधि में विभिन्न सामाजिक एवं राजनैतिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को संगठित करने तथा सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई।
सांसद श्रीमती सुमित्रा महाजन, श्री राजेन्द्र शुक्ला, गोपी नेमा, ऊषा ठाकुर, आकाश विजयवर्गीय, शंकर लालवानी एवं गोलू शुक्ला के विधानसभा एवं नगर निगम वार्ड चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाई।
- 2007 – 2011
समर्थ भारत – युवा समिट
वर्ष 2007 से 4 वर्षों तक प्रोफेशनल युवा फेडरेशन के माध्यम से स्वामी विवेकानन्द जी की स्मृति में “समर्थ भारत-युवा समिट” का आयोजन करवाया।
इस पहल के माध्यम से युवाओं को सामाजिक एवं राष्ट्रीय विषयों से जोड़ने का प्रयास किया गया।
- 2012
भारतीय जनता युवा मोर्चा
वर्ष 2012 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के नगर मंत्री बनने के बाद विभिन्न युवा-केंद्रित अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रमुख गतिविधियाँ:
- बाइक रैली
- हस्ताक्षर अभियान
- सदस्यता अभियान
- तिरंगा यात्रा
- युवाओं को संगठन से जोड़ना
इन अभियानों के माध्यम से हजारों युवाओं को जोड़ा गया।
- 2013
संगठनात्मक एवं सदस्यता अभियान
वर्ष 2013 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विशाल सभा, जिसमें मुख्य अतिथि सरसंघचालक श्री मोहन भागवत जी थे, में दायित्व निभाया। इसके साथ ही:
बुंदेलखंड विकास यात्रा में मध्य प्रदेश के अंतर्गत आने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र में सह-प्रभारी की भूमिका में
मध्य प्रदेश बुंदेलखंड के अंतर्गत आने वाली 22 विधानसभाओं में महासदस्यता अभियान में सह-प्रभारी की भूमिका
में एवं उज्जैन की घट्टिया विधानसभा महासदस्यता अभियान में प्रभारी के रूप में कार्य किया। प्रदत्त विवरण के अनुसार इन अभियानों के माध्यम से 98,000 सदस्य बनाए गए।
मध्य प्रदेश बुंदेलखंड के अंतर्गत आने वाली 22 विधानसभाओं एवं 7 संसदीय क्षेत्र में चुनाव के दौरान सह-प्रभारी की भूमिका
- 2019 – 2021
कोरोना काल में सेवा कार्य
कोरोना लॉकडाउन के दौरान वर्ष 2019–21 में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुँचाने के लिए सेवा कार्य किए गए।
प्रमुख सेवा कार्य:
- भोजन पैकेट का वितरण
- कच्चे राशन का वितरण
- जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुँचाना
- 2022
हिन्दवी स्वराज्य सेना की स्थापना
वर्ष 2022 में हिन्दवी स्वराज्य सेना की स्थापना की गई।
प्रदत्त विवरण के अनुसार, संगठन की स्थापना इन्दौर से मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर के विरोध तथा हनुमान मंदिरों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से हनुमान चालीसा पाठ की शुरुआत के अभियान के साथ हुई।
यहीं से हिन्दवी स्वराज्य सेना के संगठनात्मक विस्तार की एक नई यात्रा प्रारंभ हुई।
- 2022 से वर्तमान तक
निरंतर अभियान
प्रदत्त विवरण के अनुसार संगठन के माध्यम से निम्न विषयों पर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं:
- मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर का विरोध
- लव जिहाद के विरुद्ध अभियान
- लैंड जिहाद के विरुद्ध अभियान
- नशा विरोधी आंदोलन
- मुस्लिम गुंडों के खिलाफ अभियान
- हिन्दू युवाओं को संगठित करना
- हिन्दू बहन-बेटियों में जागरूकता अभियान
- 2023
हर घर भगवा घर घर भगवा" अभियान एवं "रामराज्य महायात्रा
वर्ष 2023 में “हर घर भगवा घर-घर भगवा अभियान” के अंतर्गत इंदौर जिले के लगभग 1 लाख घरों पर भगवा ध्वज हिंदवी स्वराज्य सेना द्वारा लगाए गए।
इसी वर्ष मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से लगभग 20 हजार लोगों की रामराज्य महायात्रा निकाली गई।
इन अभियानों का उद्देश्य हिन्दू समाज को संगठनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़कर अन्य समाजों को एक निर्भीक और एकजुट सनातनी समाज का संदेश देना बताया गया है।
- 2024
घुसपैठ के विरुद्ध अभियान
वर्ष 2024 में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया तथा विभिन्न थानों में आवेदन दिए गए।
2024 से वर्तमान तक प्रति वर्ष नवरात्रि पर्व पर संगठन द्वारा विभिन्न गरबा पांडालो में जाकर कन्याओं और उनके माता-पिता से सीधा संवाद का उन्हें लव-जिहाद के बारे में जानकारी देकर अपने बच्चियों की रक्षा सुरक्षा कैसे करें के बारे में शिक्षित कर सनातनी बहन बेटियों माताओं के बीच में जागरूकता अभियान संगठन द्वारा सतत चलाया जाता है और यह आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
यह अभियान भी संगठन की सार्वजनिक गतिविधियों का हिस्सा रहा।
- 2022 से वर्तमान तक
निरंतर संगठनात्मक अभियान
हिन्दवी स्वराज्य सेना की स्थापना के बाद से अमित पाण्डेय "गुरु" के नेतृत्व में संगठनात्मक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्षेत्र
प्रमुख कार्यक्षेत्र
धर्म एवं संस्कृति
धार्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों से जुड़े अभियानों और गतिविधियों में सहभागिता।
युवा संगठन
हिन्दू युवाओं को संगठित करने और उन्हें सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास।
सामाजिक जागरूकता
समाज में विभिन्न विषयों को लेकर जन-जागरूकता अभियान।
सेवा कार्य
जरूरतमंदों, गरीबों और सामाजिक संस्थाओं के लिए विभिन्न सेवा गतिविधियाँ।
संगठन निर्माण
विभिन्न क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों को संगठन से जोड़ने की दिशा में कार्य।
एक नज़र में
एक नज़र में — अमित पाण्डेय "गुरु" की यात्रा
- 1998–2002खेल एवं विभिन्न इंटर स्कूल/इंटर कॉलेज प्रतियोगिताओं में प्रतिनिधित्व
- 1999युवा ब्रिगेड के माध्यम से सामाजिक गतिविधियों की शुरुआत
- 2001गुजरात भूकंप पीड़ितों की सहायता
- 2002युवा ब्रिगेड का गठन एवं छात्र राजनीति में प्रवेश
- 2004 सेजिम, अखाड़े, गौ-शाला एवं विभिन्न सामाजिक सेवा कार्य
- 2007–2011समर्थ भारत-युवा समिट का आयोजन
- 2012भाजपा युवा मोर्चा नगर मंत्री के रूप में सक्रियता
- 2013RSS सभा एवं व्यापक सदस्यता अभियानों में दायित्व
- 2019–21कोरोना काल में भोजन एवं राशन वितरण
- 2022हिन्दवी स्वराज्य सेना की स्थापना
- 2023हर घर भगवा अभियान एवं रामराज्य महायात्रा
- 2024अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ के विरुद्ध अभियान
- 2022–वर्तमानविभिन्न सामाजिक, धार्मिक, युवा एवं संगठनात्मक अभियानों में निरंतर सक्रियता
वर्तमान भूमिका
हिन्दवी स्वराज्य सेना के संस्थापक एवं प्रमुख
उनकी भूमिका में संगठन को विस्तार देना, कार्यकर्ताओं एवं युवाओं को जोड़ना तथा विभिन्न अभियानों और सामाजिक गतिविधियों को दिशा देना शामिल है।
आयाम
उनकी कार्य-यात्रा के प्रमुख उद्देश्य
- 01
युवा शक्ति
एक नशा मुक्त युवा, संगठित युवा, संस्कारित युवा, पढ़ा-लिखा युवा और रोजगार देने वाला युवा । युवाओं को संगठित कर उन्हें सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास।
- 02
सामाजिक सेवा
रक्तदान, चिकित्सा शिविर, राहत कार्य तथा जरूरतमंदों की सहायता जैसी गतिविधियों में सहभागिता।
- 03
धर्म एवं संस्कृति
धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े विभिन्न अभियानों एवं गतिविधियों में सक्रियता।
- 04
संगठन निर्माण
विभिन्न सामाजिक एवं संगठनात्मक अभियानों के माध्यम से लोगों और कार्यकर्ताओं को जोड़ने का कार्य।
- 05
जन-जागरूकता
विभिन्न सामाजिक विषयों को लेकर जागरूकता अभियान और सार्वजनिक गतिविधियाँ।
- 06
जातिगत एकजुटता
समाज में विभिन्न जाति के लोग हैं सभी जातियों को मिलाकर सनातन समाज का निर्माण हुआ है संपूर्ण समाज से जातिगत द्वेशता को मिटाना एवं सभी जातियों को एक समान पटल पर लाना प्रथम परम संकल्प है
- 07
अखंड हिंदू राष्ट्र
हमारे राष्ट्र को पुनः एक अखंड हिंदू राष्ट्र बनाने के संकल्प है।
समापन
एक निरंतर चलती यात्रा
बाल्यकाल से सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता से शुरू हुई यह यात्रा युवा संगठन, सामाजिक सेवा, सार्वजनिक जीवन और संगठन निर्माण के विभिन्न चरणों से होकर आज हिन्दवी स्वराज्य सेना के नेतृत्व तक पहुँची है।
अधिवक्ता अमित पाण्डेय "गुरु" की सार्वजनिक यात्रा में युवाओं को संगठित करने, सामाजिक कार्यों में सहभागिता, धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों तथा विभिन्न जन-अभियानों में सक्रिय भूमिका प्रमुख रूप से दिखाई देती है।
हिन्दवी स्वराज्य सेना के साथ इस यात्रा से जुड़ें
